चौथी मंजिल पर आग में फंसे थे मां-बच्चे, फायर ब्रिगेड से पहले आए पुलिसकर्मी, बचा ली सभी की जान

 चौथी मंजिल पर आग में फंसे थे मां-बच्चे, फायर ब्रिगेड से पहले आए पुलिसकर्मी, बचा ली सभी की जान

राजधानी नई दिल्ली के पालम स्थित साध नगर इलाके के एक मकान में अचानक आग लग गई. छत पर फंसी महिला अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ मदद के लिए शोर मचाने लगी. मामले की सूचना पीसीआर समेत स्थानीय पुलिस को मिली. मौके पर पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास और कॉन्स्टेबल मनोज ने समय की नजाकत को देखते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी. दोनों बगल की बिल्डिंग के रास्ते बिना समय गवाएं ऊपर पहुंचे और महिला और उसके बच्चे को रेस्क्यू करके बचा लिया.

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर बने घर में  जांबाज पुलिसकर्मी बिना किसी संसाधन के दीवार के सहारे ऊपर पहुंचते हैं  और आग के बीच फंसे लोगों को बचा लेते हैं. इस तरह अपने जिले के सिपाहियों के बहादुरी भरे कार्य को देख इलाके के नए DCP का गर्व से सीना चौड़ा हो गया है.

साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक डीसीपी मनोज ने बताया कि जिस तरह हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास और कॉन्स्टेबल मनोज ने साहस भरे कार्य कर 3 लोगों की जान बचाई है, इसके लिए उन्हें दिल्ली पुलिस की ओर से पुरुस्कृत किया जाएगा.

हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास और कांस्टेबल मनोज ने कहा कि यह हमारा फर्ज था, जिसे हमने निभाया है. जानकारी मिलते ही तुरंत बिना समय गंवाए हम मौके पर पहुंचे और पड़ोस की छत से किसी तरह आग की लपटों से घिरे मकान की चौथी मंजिल पर पहुंचे और फंसे लोगों को बचा पाए. यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है.

जाबांज पुलिसकर्मियों ने कहा, हमारे सीनियर अधिकारी हमेशा हम सभी को मोटिवेट करते रहते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हमने आग में फंसे लोगों को बचा लिया, क्योंकि जानकारी मिलते ही मौके पर फायर टेंडर यानी दमकल की गाड़ियां तो आ नहीं पातीं और उधर लगातार ऊपर से शोर आ रहा था, ऐसे में हमने खुद ही अपना डिसीजन लिया और उन दोनों को बचाया.

पालम एसएचओ पारसनाथ वर्मा ने बताया कि आग में फंसे लोगों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर फायर बिग्रेड की 3 गाड़ियों और एम्बुलेंस को भी बुला लिया लाया गया था. टीम ने समय पर आग पर काबू पाया. लेकिन इस दौरान रेस्क्यू में हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास और कॉन्स्टेबल मनोज चोटिल हो गए. उन्हें भगत चंद्र हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट के लिए एडमिट कराया गया था, जहां शुरुआती उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई.

niraj

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